2026 में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब पहले से कहीं आसान हो गया है। परिवहन मंत्रालय के Parivahan पोर्टल (parivahan.gov.in) और Sarathi पोर्टल (sarathi.parivahan.gov.in) के जरिए आप घर बैठे Learning Licence के लिए आवेदन कर सकते हैं, ऑनलाइन टेस्ट दे सकते हैं और फिर Driving Licence के लिए RTO स्लॉट बुक कर सकते हैं। इस गाइड में LL से DL तक की पूरी प्रक्रिया, दस्तावेज़, फीस और टेस्ट की तैयारी — सब कुछ स्टेप-बाय-स्टेप समझाया गया है।
आवेदन से पहले: पात्रता और जरूरी बातें
आवेदन करने से पहले ये शर्तें जान लें:
- उम्र: बिना गियर वाली बाइक के लिए 16 साल; गियर वाली बाइक और कार के लिए 18 साल; कमर्शियल/ट्रांसपोर्ट वाहन के लिए 20 साल।
- Learning Licence (LL): DL से पहले LL लेना अनिवार्य है। LL मिलने के 30 दिन बाद और 180 दिन के अंदर DL के लिए आवेदन करें।
- मेडिकल सर्टिफिकेट: 40 साल से अधिक उम्र वालों और कमर्शियल लाइसेंस के लिए Form 1A में डॉक्टर का प्रमाणपत्र जरूरी होता है।
- आधार e-KYC: आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर होने पर आवेदन प्रक्रिया बहुत तेज और कागज-रहित हो जाती है।
Learning Licence के लिए ऑनलाइन आवेदन (स्टेप-बाय-स्टेप)
- sarathi.parivahan.gov.in पर जाएं और अपना राज्य चुनें।
- Apply for Learner Licence विकल्प चुनें और फॉर्म में नाम, पता, जन्मतिथि आदि सही-सही भरें।
- वाहन की श्रेणी चुनें (जैसे MCWG — गियर वाली बाइक, LMV — कार) और मांगे गए दस्तावेज़ अपलोड करें।
- ऑनलाइन फीस का भुगतान करें (लगभग ₹200; राज्य अनुसार अलग हो सकता है)।
- LL टेस्ट के लिए स्लॉट बुक करें — कई राज्यों में यह टेस्ट अब घर से ऑनलाइन भी दिया जा सकता है।
- टेस्ट पास करते ही Learning Licence जारी हो जाता है, जिसे आप डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड (पहचान और पते के प्रमाण के रूप में)
- पता प्रमाण: बिजली बिल, पासपोर्ट, वोटर ID आदि
- जन्मतिथि प्रमाण: जन्म प्रमाणपत्र, 10वीं की मार्कशीट या पासपोर्ट
- पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी
- Form 1 (सेल्फ डिक्लेरेशन) और जरूरत होने पर Form 1A (मेडिकल सर्टिफिकेट)
लाइसेंस फीस (लगभग — राज्य अनुसार अलग हो सकती है)
| लाइसेंस/सेवा | फीस (लगभग) | वैधता |
| Learning Licence (LL) | लगभग ₹200 | 6 महीने |
| Driving Licence टेस्ट फीस | लगभग ₹300 | — |
| Driving Licence जारी | लगभग ₹200–₹300 | 20 साल या 50 वर्ष की उम्र तक |
| DL नवीनीकरण (Renewal) | लगभग ₹200–₹400 | 5–10 साल |
| डुप्लिकेट DL | लगभग ₹200 | मूल DL के बराबर |
नोट: ये आंकड़े अनुमानित हैं। आपके राज्य के RTO में फीस थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए आवेदन से पहले पोर्टल पर फीस जरूर जांच लें।
Driving Licence के लिए आवेदन और RTO टेस्ट
- LL जारी होने के 30 दिन बाद Sarathi पोर्टल पर Apply for Driving Licence चुनें।
- LL नंबर डालकर फॉर्म भरें और टेस्ट फीस का ऑनलाइन भुगतान करें।
- नजदीकी RTO में ड्राइविंग टेस्ट के लिए तारीख और स्लॉट बुक करें।
- तय तारीख को मूल दस्तावेज़ और LL के साथ RTO पहुंचें और ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट दें।
- टेस्ट पास होने पर DL आपके पते पर डाक से भेजा जाता है; इसे DigiLocker से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
टेस्ट की तैयारी कैसे करें
LL का ऑनलाइन टेस्ट ट्रैफिक नियमों, साइन बोर्ड और सुरक्षित ड्राइविंग पर आधारित होता है। पोर्टल पर मॉक टेस्ट और प्रश्न बैंक उपलब्ध हैं — 2–3 दिन अभ्यास कर लें। RTO के प्रैक्टिकल टेस्ट के लिए ट्रैक पर गाड़ी चलाने का अभ्यास करें, सीट बेल्ट या हेलमेट न भूलें, इंडिकेटर का सही इस्तेमाल करें और घबराएं नहीं — शांत ड्राइविंग ही पास होने की कुंजी है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
क्या 2026 में LL का टेस्ट घर से ऑनलाइन दिया जा सकता है?
कई राज्यों में हां — आधार e-KYC वाले आवेदक घर से ऑनलाइन टेस्ट दे सकते हैं। कुछ राज्यों में अभी भी RTO जाकर टेस्ट देना पड़ता है, इसलिए अपने राज्य के Sarathi पोर्टल पर विकल्प जांच लें।
LL मिलने के कितने दिन बाद DL के लिए अप्लाई करें?
LL जारी होने के 30 दिन बाद और 180 दिन के अंदर DL के लिए आवेदन करना होता है। 180 दिन बीत जाएं तो LL एक्सपायर हो जाता है और दोबारा LL लेना पड़ता है।
ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो जाएं तो क्या होगा?
घबराने की जरूरत नहीं — 7 दिन के बाद आप दोबारा टेस्ट के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। दोबारा टेस्ट फीस देनी होती है, इसलिए पहली बार में ही अच्छी तैयारी करके जाएं।
DL घर तक पहुंचने में कितना समय लगता है?
टेस्ट पास होने के बाद DL आमतौर पर 2–4 सप्ताह में डाक से आपके पते पर पहुंच जाता है। इस बीच आप DigiLocker से डिजिटल DL डाउनलोड करके इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या DigiLocker वाला DL ट्रैफिक पुलिस के लिए मान्य है?
हां, DigiLocker या mParivahan ऐप में दिखने वाला डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस पूरे भारत में मान्य है और ट्रैफिक पुलिस इसे स्वीकार करती है।