प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) का लक्ष्य 2022 तक नहीं, बल्कि आगे भी सभी बेघर व कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीण परिवारों को पक्का घर देना है। सरकार ने 2024-29 के लिए 2 करोड़ अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी है।
मुख्य बातें (Key Facts)
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| शुरू | 1 अप्रैल 2016 |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय |
| लाभ राशि | ₹1.20 लाख (मैदानी) / ₹1.30 लाख (पहाड़ी व दुर्गम क्षेत्र) |
| लाभार्थी | बेघर व कच्चे/टूटे मकानों वाले ग्रामीण परिवार |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmayg.nic.in |
लाभ (Benefits)
- पक्का मकान बनाने हेतु ₹1.20 लाख (मैदानी) या ₹1.30 लाख (पहाड़ी) की सहायता।
- राशि 3 किस्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में (DBT)।
- मनरेगा के तहत 90 दिन (पहाड़ी में 95 दिन) की अकुशल मजदूरी का अतिरिक्त लाभ।
- स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय हेतु ₹12,000 की सहायता।
- उज्ज्वला से LPG कनेक्शन व सौभाग्य से बिजली कनेक्शन का अभिसरण।
पात्रता (Eligibility)
- SECC 2011 के आवास-वंचित मानदंडों या Awaas+ सर्वे में चिह्नित परिवार।
- परिवार के पास पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
- विधवा, SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग व आपदा प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता।
- आवेदक की उम्र वयस्क (18+) होनी चाहिए।
जरूरी दस्तावेज़ (Documents)
- आधार कार्ड
- मनरेगा जॉब कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- शपथ पत्र (पक्का मकान न होने का)
- मोबाइल नंबर
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- AwaasApp मोबाइल ऐप डाउनलोड करें और सेल्फ-सर्वे विकल्प चुनें।
- आधार OTP से सत्यापन कर परिवार व आवास का विवरण भरें।
- मकान की फोटो अपलोड करें और सर्वे जमा करें।
- ग्राम सभा में सत्यापन के बाद नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची में जुड़ता है।
- स्वीकृति पर किस्तें DBT से मिलती हैं।
ऑफलाइन आवेदन
ग्राम पंचायत सचिव या खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में संपर्क करें — सर्वे व सत्यापन ग्राम सभा के माध्यम से होता है।
हेल्पलाइन
pmayg.nic.in पर उपलब्ध टोल-फ्री हेल्पलाइन व शिकायत निवारण पोर्टल।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सहायता राशि कितनी किस्तों में मिलती है?
तीन किस्तों में — स्वीकृति पर, प्लिंथ स्तर पर और लिंटल/छत स्तर पर।
लाभार्थी सूची में नाम कैसे देखें?
pmayg.nic.in पर Stakeholders → IAY/PMAYG Beneficiary में पंजीकरण संख्या या नाम से खोजें।
अगर पहले से पक्का मकान है तो?
तब पात्रता नहीं बनेगी — योजना बेघर व कच्चे मकान वालों के लिए है।
मकान बनाने के लिए जमीन नहीं है तो?
ऐसे मामलों में राज्य सरकारें भूमिहीन पात्र परिवारों को जमीन उपलब्ध कराती हैं।
2 करोड़ नए घरों का लक्ष्य क्या है?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2024-29 के दौरान 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घरों को मंजूरी दी है।
शौचालय की राशि अलग से मिलती है?
हां, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण से ₹12,000 शौचालय निर्माण हेतु मिलते हैं।