लखपति दीदी पहल का लक्ष्य 3 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सालाना ₹1 लाख या अधिक की टिकाऊ घरेलू आय वाली लखपति दीदी बनाना है — खेती, पशुपालन, उद्यम व सेवाओं जैसे विविध आजीविका स्रोतों से।
मुख्य बातें (Key Facts)
| योजना का नाम | लखपति दीदी पहल |
| शुरू/घोषणा | 2023 (DAY-NRLM के तहत) |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) |
| लाभ राशि | ₹1 लाख+ वार्षिक टिकाऊ घरेलू आय का लक्ष्य (प्रशिक्षण, ऋण व उद्यम सहायता सहित) |
| लाभार्थी | SHG से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं |
| आधिकारिक वेबसाइट | aajeevika.gov.in |
लाभ (Benefits)
- विविध आजीविका — कृषि, पशुपालन, गैर-कृषि उद्यम व सेवा क्षेत्र में आय के कई स्रोत।
- उद्यम शुरू करने हेतु प्रशिक्षण, मार्गदर्शन व बैंक ऋण लिंकेज।
- मुद्रा, विश्वकर्मा जैसी योजनाओं के साथ अभिसरण का लाभ।
- उत्पादों के विपणन व बाजार से जुड़ने में सहायता।
- महिला सशक्तिकरण — आर्थिक आत्मनिर्भरता व निर्णय क्षमता।
पात्रता (Eligibility)
- ग्रामीण महिला DAY-NRLM के तहत स्वयं सहायता समूह की सदस्य हो।
- परिवार की वर्तमान आय लखपति सीमा से नीचे हो।
- आजीविका गतिविधि शुरू करने की इच्छुक हो।
जरूरी दस्तावेज़ (Documents)
- आधार कार्ड
- SHG सदस्यता विवरण
- बैंक खाता
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) की वेबसाइट/पोर्टल पर जानकारी लें।
- aajeevika.gov.in पर योजना व संपर्क विवरण उपलब्ध है।
- ऑनलाइन रुचि दर्ज कर ब्लॉक मिशन कार्यालय से संपर्क करें।
ऑफलाइन आवेदन
अपने ग्राम संगठन, संकुल स्तरीय संघ या ब्लॉक मिशन कार्यालय से संपर्क करें — वहां SHG गठन/सदस्यता व आजीविका योजना बनाई जाती है।
हेल्पलाइन
संबंधित राज्य के SRLM की हेल्पलाइन; विवरण aajeevika.gov.in पर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
लखपति दीदी किसे कहा जाता है?
जिस SHG सदस्य महिला के परिवार की टिकाऊ वार्षिक आय ₹1 लाख या अधिक हो जाती है।
आय के कौन से स्रोत अपनाए जाते हैं?
खेती, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण, दुकान, सेवाएं — एक से अधिक स्रोतों का संयोजन।
क्या शहरी महिलाएं पात्र हैं?
यह पहल मुख्यतः ग्रामीण NRLM के तहत है; शहरी हेतु DAY-NULM की अलग व्यवस्था है।
ऋण कैसे मिलेगा?
SHG-बैंक लिंकेज, मुद्रा व अन्य योजनाओं के अभिसरण से उद्यम हेतु ऋण मिलता है।
अभी SHG में नहीं हैं तो?
गांव में नया स्वयं सहायता समूह बनाकर या मौजूदा समूह से जुड़कर शुरुआत की जा सकती है।
3 करोड़ का लक्ष्य कब तक है?
सरकार ने चरणबद्ध तरीके से 3 करोड़ लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य रखा है।