डायबिटीज (मधुमेह) में खून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। दवा के साथ-साथ सही खानपान शुगर कंट्रोल की सबसे बड़ी कुंजी है। सही डाइट से न सिर्फ शुगर काबू में रहती है, बल्कि दवा की ज़रूरत भी कम हो सकती है।
शुगर में क्या खाएं, क्या न खाएं
| खाद्य समूह | खाएं | न खाएं / कम खाएं |
| अनाज | गेहूं, जौ, बाजरा, ओट्स, ब्राउन राइस | मैदा, सफेद चावल, सूजी |
| सब्ज़ियां | हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, करेला, भिंडी, लौकी | आलू, अरबी, शकरकंद (सीमित) |
| फल | सेब, अमरूद, पपीता, जामुन (सीमित मात्रा) | आम, केला, अंगूर, फलों का जूस |
| प्रोटीन | दालें, राजमा, छोले, अंडा, पनीर (कम वसा) | तला मांस, प्रोसेस्ड मीट |
| पेय | पानी, छाछ, ग्रीन टी, नींबू पानी (बिना चीनी) | कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, मीठी चाय |
सैंपल डायबिटीज डाइट प्लान
| समय | भोजन |
| सुबह 7 बजे | गुनगुना पानी + 5-6 भीगे बादाम |
| नाश्ता 8:30 | वेजिटेबल दलिया / ओट्स / 2 रोटी + सब्ज़ी |
| 11 बजे | 1 फल (सेब/अमरूद) या छाछ |
| दोपहर 1:30 | 2 रोटी + दाल + हरी सब्ज़ी + सलाद |
| शाम 5 बजे | ग्रीन टी + भुने चने / मखाने |
| रात 8 बजे | 1-2 रोटी + सब्ज़ी + दाल (हल्का भोजन) |
शुगर कंट्रोल के ज़रूरी नियम
- थोड़ा-थोड़ा करके दिन में 5-6 बार खाएं, एक बार में ज़्यादा नहीं।
- खाना हमेशा समय पर खाएं, मील स्किप न करें।
- चीनी, गुड़, शहद — तीनों से परहेज़ करें।
- रोज़ 30-45 मिनट पैदल चलें।
- शुगर नियमित नापें और डॉक्टर को दिखाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या डायबिटीज में चावल खा सकते हैं?
सफेद चावल कम मात्रा में कभी-कभार ठीक है, पर ब्राउन राइस या मिलेट्स बेहतर विकल्प हैं।
क्या गुड़ चीनी से बेहतर है?
नहीं, गुड़ भी शुगर बढ़ाता है। डायबिटीज में गुड़, शहद और चीनी तीनों से बचना चाहिए।
करेला-जामुन का जूस शुगर ठीक करता है?
ये शुगर कंट्रोल में सहायक हो सकते हैं, पर दवा का विकल्प नहीं हैं। डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
फास्टिंग शुगर कितनी होनी चाहिए?
आम तौर पर 100 mg/dL से कम फास्टिंग और खाने के 2 घंटे बाद 140 से कम को ठीक माना जाता है।
क्या डायबिटीज पूरी तरह ठीक हो सकती है?
टाइप-2 डायबिटीज को डाइट, वज़न और एक्सरसाइज़ से काबू में रखा जा सकता है, पर 'जड़ से खत्म' का दावा करने वालों से सावधान रहें।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। कोई भी इलाज, दवा या डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।