थायराइड गले में तितली के आकार की एक ग्रंथि है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने वाले हार्मोन बनाती है। जब यह ज़्यादा या कम हार्मोन बनाने लगे तो वज़न, ऊर्जा, दिल की धड़कन और मूड — सब पर असर पड़ता है।
हाइपोथायराइड vs हाइपरथायराइड
| अंतर | हाइपोथायराइड (कम हार्मोन) | हाइपरथायराइड (ज़्यादा हार्मोन) |
| वज़न | बढ़ता है | घटता है |
| ऊर्जा | थकान, सुस्ती | बेचैनी, घबराहट |
| दिल की धड़कन | धीमी | तेज़ |
| त्वचा-बाल | रूखी त्वचा, बाल झड़ना | पसीना ज़्यादा, बाल पतले |
| ठंड-गर्मी | ठंड ज़्यादा लगना | गर्मी बर्दाश्त न होना |
थायराइड के आम लक्षण
- बिना कारण वज़न घटना या बढ़ना
- लगातार थकान और नींद आना (हाइपो) या नींद न आना (हाइपर)
- बालों का झड़ना और त्वचा का रूखापन
- गर्दन में सूजन या भारीपन महसूस होना
- मूड बदलना, चिड़चिड़ापन या डिप्रेशन जैसा महसूस होना
- महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता
थायराइड में क्या खाएं
- आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें।
- सेलेनियम वाले आहार — अंडा, दालें, सूरजमुखी के बीज।
- हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, फल और साबुत अनाज खाएं।
- पर्याप्त प्रोटीन लें — दाल, पनीर, दही, अंडा।
- सोया उत्पाद और पत्तागोभी-फूलगोभी बहुत ज़्यादा मात्रा में न खाएं (कच्ची अवस्था में)।
- दवा खाली पेट लें और उसके 1 घंटे बाद ही कुछ खाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
थायराइड की जांच कैसे होती है?
खून की TSH, T3 और T4 जांच से थायराइड का पता चलता है। डॉक्टर लक्षण देखकर टेस्ट लिखते हैं।
क्या थायराइड पूरी तरह ठीक हो सकता है?
हाइपोथायराइड में अक्सर रोज़ दवा लेनी पड़ती है, जिससे हार्मोन संतुलित रहते हैं। हाइपरथायराइड के कई मामलों में इलाज से ठीक होना संभव है।
थायराइड में वज़न क्यों बढ़ता है?
कम थायराइड हार्मोन से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे कैलोरी कम खर्च होती है और वज़न बढ़ता है।
क्या थायराइड में चाय-कॉफी पी सकते हैं?
हां, पर दवा लेने के तुरंत बाद नहीं — दवा और चाय में कम से कम 1 घंटे का अंतर रखें।
गर्भावस्था में थायराइड खतरनाक है?
गर्भावस्था में थायराइड का संतुलन बहुत ज़रूरी है। प्लानिंग से पहले और दौरान डॉक्टर से नियमित जांच कराएं।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। कोई भी इलाज, दवा या डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।