विटामिन D हड्डियों, मांसपेशियों और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए ज़रूरी है। धूप इसका सबसे बड़ा स्रोत है, फिर भी शहरों में ज़्यादातर लोग घर-दफ्तर में रहने के कारण इसकी कमी के शिकार हैं।
विटामिन D की कमी के लक्षण
- हड्डियों और जोड़ों में दर्द, खासकर पीठ-कमर में
- लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
- मांसपेशियों में ऐंठन या दर्द
- बालों का झड़ना
- बार-बार सर्दी-जुकाम होना (कम इम्युनिटी)
- मूड खराब रहना, उदासी महसूस होना
कमी के मुख्य कारण
- धूप में न निकलना — घर या ऑफिस में ही रहना
- पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनना
- गहरी त्वचा (मेलेनिन धूप के असर को कम करता है)
- उम्र बढ़ने पर त्वचा की धूप सोखने की क्षमता घटना
- कुछ दवाएं और आंत की बीमारियां
विटामिन D बढ़ाने के उपाय
| स्रोत | विवरण |
| धूप | सुबह 8-10 बजे की धूप में हफ्ते में 3-4 बार 15-20 मिनट (हाथ-पैर खुले रखें) |
| मछली | सैल्मन, सार्डिन, टूना जैसी वसायुक्त मछली |
| अंडा | अंडे की ज़र्दी में विटामिन D होता है |
| डेयरी | फोर्टिफाइड दूध, दही |
| मशरूम | धूप में सुखाए मशरूम |
- रोज़ थोड़ी देर धूप में ज़रूर निकलें।
- कैल्शियम के साथ विटामिन D लें — दोनों एक-दूसरे की मदद करते हैं।
- कमी ज़्यादा हो तो डॉक्टर खून जांच (25-OH Vitamin D) के बाद सप्लीमेंट देते हैं।
- सप्लीमेंट खुद से ज़्यादा मात्रा में न लें — अधिकता भी हानिकारक है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
धूप कब लेनी चाहिए?
सुबह 8 से 10 बजे की हल्की धूप सबसे अच्छी मानी जाती है। दोपहर की तेज़ धूप से त्वचा जल सकती है।
शीशे के पीछे बैठकर धूप लेने से फायदा होगा?
नहीं, कांच UVB किरणों को रोक देता है जिनसे विटामिन D बनता है। सीधी धूप ज़रूरी है।
विटामिन D की कमी से क्या होता है?
लंबे समय की कमी से हड्डियां कमज़ोर होती हैं, बच्चों में रिकेट्स और बड़ों में ऑस्टियोमलेशिया हो सकता है।
क्या रोज़ सप्लीमेंट लेना ज़रूरी है?
नहीं, पहले धूप और डाइट से कोशिश करें। कमी गंभीर हो तभी डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट लें।
विटामिन D जांच का नाम क्या है?
25-हाइड्रॉक्सी विटामिन D [25(OH)D] ब्लड टेस्ट से स्तर पता चलता है।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। कोई भी इलाज, दवा या डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।